Saturday, February 17, 2018

वक्त

वक्त घसीट रहा है
हम, घिसटते जा रहे हैं

घिसटते-घिसटते ..
हम, थोड़ा-थोड़ा छिलते जा रहे हैं

इक दिन ..
हम, पूरी तरह छिल जायेंगें

वक्त .. चलते रहेगा ...

किसी-न-किसी को
हर क्षण ... घसीटते रहेगा .... ?

- श्याम कोरी 'उदय'

Saturday, February 10, 2018

किलेबंदी

अगर .. वो चमचे नहीं होते ...
तो ..
वो ...
साहब के गले के गमछे नहीं होते,

यही दस्तूर है
हुनर है

साहब ... यही किलेबंदी है ....
शह है ... मात है .... !!

- श्याम कोरी 'उदय'

Friday, January 12, 2018

अभी भी वक्त है ... !

यदि ..
व्यवस्था लचर हो चली हो तो

कुछ इस तरह धक्का मारो व्यवस्था में

कि -
थरथरा जाये ..
नींव भी,

अगर
ऐसा नहीं हुआ तो ..
नहीं किया तो ..

इक दिन .. दब कर मर जाओगे
दम घुट जायेगा ...

अभी भी वक्त है
व्यवस्था के .. भरभरा कर गिरने में .... ?

- श्याम कोरी 'उदय'

Sunday, January 7, 2018

विकल्प ...

बहुत खुश थे .. खुशनुमा हालात थे ...
कल तक ..

कल .. तुमसे मिलने से पहले तक
चेहरे पर मुस्कान .. ताजगी ... उत्साह ....
हर पल .. पल-पल ...
सच ... बनी रहती थी .. ठहरी रहती थी ....
तुम जो थे साथ ..
हर कदम पर .. कदम-कदम पर ...

पर .. कल से ...
तुमसे .. आखिरी मुलाक़ात के बाद ...
मन ... शांत .. खामोश .. व्याकुल-सा ... है

काश ...
तुम .. रुठने ... नाराजगी की ..वजह बता जाते ....
काश ...
तुम .. कोई और विकल्प चुन लेते ... ?

~ श्याम कोरी 'उदय'

Friday, December 29, 2017

मेरी भी .. शुभकामनाएँ ... !

लो दोस्तो ... मैं चला ..
गुजरा वक्त हूँ .. गुजरता साल हूँ .. जा रहा हूँ ...

तुम ..
हाँ तुम .. डूबे रहो ... नये साल के जश्न में ..

नदियों में ..
झरनों में ..
समुन्दरों के किनारों में ..
पहाड़ों में ..
गुफाओं में .. जंगलों में ..
रेस्ट हाऊसों में .. स्टार होटलों में ..

मैं चला .. बाय-बाय दोस्तो .. बाय-बाय ... !

पर हाँ .. जश्न में .. इतना मत भूल जाना ...
कि -
मैं .. तुम्हारा अतीत हूँ .. गुजरा वक्त हूँ ... ?

तुम्हारी .. ढेरों अच्छाईयाँ-बुराईयाँ .. समेटे हुआ हूँ ...
तुम्हारे काले चिट्ठों के पिटारे भी तो ..
मेरे जेहन में दफ़्न हैं ... !!

तुम .. हाँ तुम ... मुझे ..
भूलकर भी भूलने की गुस्ताख़ी मत करना .. वर्ना ... !!!

खैर .. छोड़ो .. जाने दो ...
आज नहीं ...
आज तुम .. जश्न में डूबे हुये हो ..
आज तो .. तुम्हें ...
मेरी भी .. शुभकामनाएँ ... ।।

~ श्याम कोरी 'उदय'